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शादी के बावजूद लिव-इन रिलेशनशिप रखने के आधार पर बर्खास्तगी आदेश पारित नहीं किया जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवा में बहाली का निर्देश दिया

शादी के बावजूद लिव-इन रिलेशनशिप रखने के आधार पर बर्खास्तगी आदेश पारित नहीं किया जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवा में बहाली का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को उसके खिलाफ पारित बर्खास्तगी आदेश को पूरी तरह से इस आधार पर खारिज कर दिया कि वह अपनी शादी के बावजूद लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा था।

न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने 31 जनवरी, 2020 के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर विचार करते हुए यह आदेश पारित किया।

उस आदेश के माध्यम से याचिकाकर्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

याचिकाकर्ता ने उक्त बर्खास्तगी आदेश की अपील और उसके पुनरीक्षण को खारिज करने के आदेश को भी चुनौती दी थी।

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