Breaking News

‘मौलिक अधिकार बनाम विधायिका विशेषाधिकार’ : सात न्यायाधीशों की बेंच के समक्ष 2005 से लंबित रेफरेंस को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा

‘मौलिक अधिकार बनाम विधायिका विशेषाधिकार’ : सात न्यायाधीशों की बेंच के समक्ष 2005 से लंबित रेफरेंस को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा

सुप्रीम कोर्ट ने [फेसबुक बनाम दिल्ली विधानसभा] मामले में गुरुवार के सुनाये गये अपने फैसले में कहा कि मौलिक अधिकारों और संसदीय विशेषाधिकारों के बीच परस्पर संबंध के बारे में सात न्यायाधीशों की बेंच के समक्ष 2005 से लंबित रिफरेंस (संदर्भ) को कुछ प्राथमिकता दिये जाने की जरूरत है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि संविधान के खंड-3 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, चुप्पी और निजता के अधिकार की तुलना में विशेषाधिकार का बड़ा मुद्दा ‘एन रवि बनाम विधान सभा’ मामले में वृहद पीठ के रेफरेंस के मद्देनजर अब भी छूटा ही हुआ है।

source link

About admin

Check Also

4000 करोड़ कीमत, 400 कमरे…सिंधिया का आलीशान जयविलास पैलेस जहां डेढ़ घंटा रुकेंगे अमित शाह

“4000 करोड़ कीमत, 400 कमरे…सिंधिया का आलीशान जयविलास पैलेस जहां डेढ़ घंटा रुकेंगे अमित शाह” …