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“कर्मचारियों को वेतन से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 21, 23, 300A का उल्लंघन”: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन देने को कहा

“कर्मचारियों को वेतन से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 21, 23, 300A का उल्लंघन”: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन देने को कहा

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के मुद्दे को हल करने के लिए जल्द से जल्द एक बैठक बुलाने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को वेतन से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 21, 23 और 300 ए के तहत उनके अधिकारों का उल्लंघन है।

मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि,

“इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि ये कर्मचारी निगम के उच्च पद से संबंधित नहीं हैं, केवल श्रमिक हैं, क्योंकि उनमें से अधिकतर ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं, यह आश्चर्यजनक है कि निगम और राज्य सरकार दोनों ने उन्हें ऐसी ही छोड़ दिया है। कहने की जरूरत नहीं है कि वेतन से वंचित करना भारत के संविधान के अनुच्छेद 21, 23 और 300-ए का उल्लंघन है। इस प्रकार न तो निगम और न ही राज्य सरकार को कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने की अनुमति दी जा सकती है।”
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