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मोटर वाहन अधिनियम धारा 163 A:  गैर- कमाऊ सदस्य के लिए प्रति वर्ष 15,000 की काल्पनिक आय निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं क्योंकि अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया : सुप्रीम कोर्ट

“एक स्वीकृत पद पर दो व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती क्योंकि इससे राज्य पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट


झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के फैसले से पीड़ित अपीलकर्ता दावेदारों द्वारा दी गई एक दीवानी अपील से निपटने के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बार-बार निर्देशों के बावजूद, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया है। न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने कुर्वान अंसारी उर्फ ​​कुर्वान अली और अन्य बनाम श्याम किशोर मुर्मू और अन्य मामले में सिविल अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए यह कहा कि,

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